08 मार्च 2026 मुंगेली/कोशलभूमि न्यूज
बिलासपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना Pradhan Mantri Awas Yojana (Urban) 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ में शहरी गरीबों के लिए बड़े पैमाने पर आवास निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। योजना के अंतर्गत राज्य में 28 हजार 461 नए पक्के घरों के निर्माण के लिए 435 करोड़ रुपए से अधिक की केंद्रीय सहायता को मंजूरी दी गई है।
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की Central Sanctioning and Monitoring Committee द्वारा हाल ही में आयोजित बैठक में राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत 263 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। इस निर्णय से राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हजारों परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिलने की राह आसान होगी।
‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य को मिलेगी नई गति
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत राज्य को मिली यह मंजूरी एक बड़ी उपलब्धि है। इससे प्रदेश के हजारों जरूरतमंद परिवारों का पक्के घर का सपना पूरा होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की 263 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है और अगले 36 महीनों के भीतर इन आवासों का निर्माण पूरा किया जाएगा। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री Narendra Modi का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में गरीबों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
शहरी गरीबों को आवास दिलाना सरकार की प्राथमिकता
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन तथा विकास मंत्री Arun Sao ने कहा कि राज्य सरकार शहरी गरीबों को आवासीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है।
उन्होंने बताया कि विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से योजना की प्रगति की लगातार निगरानी की जा रही है। नगरीय निकायों के सहयोग से पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें समयबद्ध तरीके से योजना से जोड़ा जा रहा है ताकि अधिक से अधिक परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराए जा सकें।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से मिली 435 करोड़ रुपए की सहायता से आवास निर्माण कार्य में और तेजी आएगी और गरीब परिवारों को जल्द ही अपना घर मिल सकेगा।
263 परियोजनाओं के माध्यम से होगा आवास निर्माण
केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति द्वारा मंजूर की गई 263 परियोजनाओं में दो प्रमुख घटक शामिल हैं। इनमें लाभार्थी आधारित निर्माण परियोजनाएं और किफायती आवास साझेदारी परियोजनाएं शामिल हैं।
लाभार्थी आधारित निर्माण घटक के तहत 13 हजार 058 आवासों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इस योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राही अपनी स्वयं की भूमि पर पक्का मकान बना सकेंगे।
प्रथम चरण में 52 परियोजनाओं के माध्यम से 3844 आवासों को मंजूरी दी गई है, जिसके लिए 57 करोड़ 66 लाख रुपए की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की गई है। वहीं दूसरे चरण में 159 परियोजनाओं के अंतर्गत 9214 आवासों के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिसके लिए 138 करोड़ 21 लाख रुपए की सहायता स्वीकृत हुई है। इन आवासों की प्रति इकाई लागत लगभग 3 लाख 89 हजार रुपए निर्धारित की गई है।
किफायती आवास साझेदारी योजना के तहत 15 हजार से अधिक घर
किफायती आवास साझेदारी घटक के अंतर्गत 15 हजार 363 आवासों का निर्माण किया जाएगा। इसके तहत शासकीय भूमि पर सार्वजनिक एजेंसियों के माध्यम से सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त आवासीय परिसर विकसित किए जाएंगे।
इन परिसरों में स्लम पुनर्विकास के साथ-साथ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को किफायती दरों पर आवास उपलब्ध कराया जाएगा।
इस घटक के पहले चरण में 24 परियोजनाओं के माध्यम से 6996 आवासों को मंजूरी दी गई है, जबकि दूसरे चरण में 28 परियोजनाओं के जरिए 8367 आवासों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इन आवासों की प्रति इकाई लागत 5 लाख 75 हजार रुपए तय की गई है। सभी परियोजनाओं को 36 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
लक्ष्य से अधिक प्रस्ताव भेजकर छत्तीसगढ़ ने दिखाई सक्रियता
भारत सरकार ने राज्यों को मार्च 2026 तक 50 हजार आवासों के प्रस्ताव भेजने का लक्ष्य दिया था। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल करते हुए 52 हजार 588 आवासों के प्रस्ताव भेजे।
केंद्रीय समिति की बैठक में राज्य की सक्रियता और तत्परता की सराहना भी की गई। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी परियोजनाओं के विस्तृत प्रतिवेदन, भू-अभिलेख, लाभार्थियों की सूची और अन्य आवश्यक जानकारी केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यूनिफाइड वेब पोर्टल पर दर्ज की है।
योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को केंद्रीय सहायता आधार आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में दी जाएगी, जिससे प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।
रतनपुर में बनेगा आधुनिक डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट
केंद्रीय समिति की बैठक में बिलासपुर जिले के Ratanpur में एक अभिनव डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी गई है। यह भारत सरकार की नवाचार आधारित पहल है, जिसे देश के चुनिंदा राज्यों में लागू किया जा रहा है।
इस परियोजना के तहत आधुनिक और उन्नत तकनीकों का उपयोग कर 40 आवासों का निर्माण किया जाएगा। इनका निर्माण Building Materials and Technology Promotion Council द्वारा किया जाएगा।
राज्य शहरी विकास अभिकरण State Urban Development Agency इन आवासों को पात्र लोगों को किराये पर उपलब्ध कराएगा। रतनपुर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल में बनने वाली यह परियोजना सामाजिक उपयोग के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा देने में सहायक होगी।
जरूरतमंद परिवारों को मिलेगा सम्मानजनक आवास
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से गरीब परिवारों का जीवन स्तर बेहतर बनाने और उन्हें स्थायी आवास उपलब्ध कराने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।
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