दुर्ग जिले के समोदा गांव में 11 एकड़ में उगाई जा रही थी अफीम, मक्का-गेहूं की फसल के बीच लगाए गए थे 14 लाख से ज्यादा पौधे
दुर्ग/रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से अवैध मादक पदार्थों की खेती का एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भाजपा नेता विनायक ताम्रकार समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अफीम की खेती कर रहे थे। पुलिस ने खेत से करीब 14.30 लाख अफीम के पौधे जब्त किए हैं, जिनकी कीमत लगभग 7.88 करोड़ रुपये आंकी गई है।
यह पूरा मामला दुर्ग जिले के समोदा गांव का है, जहां शिवनाथ नदी के किनारे स्थित एक बड़े फार्महाउस में गुप्त रूप से अफीम की खेती की जा रही थी। पुलिस के अनुसार आरोपी नेता ने करीब 110 एकड़ का फार्महाउस तैयार कर रखा था, जिसे चारों तरफ से फेंसिंग कर सुरक्षित बनाया गया था।
इस फार्महाउस में करीब 11 एकड़ जमीन पर मक्का और गेहूं की फसल के बीच अफीम के पौधे लगाए गए थे, ताकि किसी को शक न हो सके।
फार्महाउस में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
जांच में यह भी सामने आया है कि फार्महाउस में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। फार्महाउस के चारों ओर फेंसिंग के साथ-साथ मुख्य गेट लगाया गया था और वहां बाउंसर तैनात किए गए थे, ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति अंदर प्रवेश न कर सके।
इतना ही नहीं, फसल की निगरानी के लिए फार्महाउस के अलग-अलग हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे। पुलिस का मानना है कि यह व्यवस्था इसलिए की गई थी ताकि अवैध खेती की गतिविधि गुप्त बनी रहे।
ग्रामीणों के अनुसार फार्महाउस के आसपास किसी भी व्यक्ति को भटकने तक नहीं दिया जाता था। यहां तक कि गांव के लोग भी उस क्षेत्र में जाने से बचते थे।
राजस्थान से बुलाए गए थे मजदूर
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस अवैध खेती के लिए राजस्थान से मजदूरों को बुलाया गया था। फार्महाउस में मजदूरों के रहने के लिए मकान और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई थीं।
ग्रामीणों का कहना है कि पूरे फार्महाउस की देखरेख भाजपा नेता विनायक ताम्रकार खुद करते थे और वही मजदूरों तथा सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते थे।
डिजिटल सर्वे में मिला सुराग
दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह के अनुसार इस पूरे मामले का खुलासा डिजिटल सर्वे के दौरान हुआ। अगस्त महीने में किए गए सर्वे में पता चला कि फार्महाउस के कुछ हिस्सों में मक्का और गेहूं की खेती की जा रही है।
जब अधिकारियों ने गहराई से जांच की तो पता चला कि इन फसलों के बीच बड़ी संख्या में अफीम के पौधे लगाए गए हैं।
इसके बाद प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और पूरे खेत की जांच की।
14 लाख से ज्यादा अफीम के पौधे बरामद
पुलिस की जांच के दौरान खेत से 14.30 लाख अफीम के पौधे बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 7.88 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
अधिकारियों की मौजूदगी में इन पौधों को जब्त कर नष्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह प्रदेश में अवैध अफीम की खेती से जुड़े बड़े मामलों में से एक है।
तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार, उसके सहयोगी विकास विश्नोई और फार्महाउस के मुंशी मनीष ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है।
इसके अलावा मामले में दो और लोगों को आरोपी बनाया गया है, जो फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस की टीम उनकी तलाश में राजस्थान तक पहुंच गई है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।
ग्रामीणों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की
शनिवार को जब पुलिस और प्रशासन की टीम कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची तो बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां इकट्ठा हो गए। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने फार्महाउस के अंदर जाने की कोशिश की, जिस कारण पुलिस और ग्रामीणों के बीच हल्की धक्कामुक्की भी हुई।
हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया और कार्रवाई जारी रखी।
भाजपा ने नेता को किया निलंबित
मामले में नाम सामने आने के बाद भाजपा संगठन ने भी तत्काल कार्रवाई करते हुए विनायक ताम्रकार को पार्टी से निलंबित कर दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि कोई भी व्यक्ति कानून तोड़ता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होना स्वाभाविक है और पार्टी ऐसे मामलों का समर्थन नहीं करती।
सियासत भी हुई गर्म
इस मामले के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति भी गर्मा गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी समोदा गांव पहुंचे और वहां अफीम के खेत का निरीक्षण किया।
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि
“पुलिस और प्रशासन के नाक के नीचे इतनी बड़ी अफीम की खेती कैसे चल रही थी?”
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं हो सकता और इसके पीछे बड़ा नेटवर्क हो सकता है।
भूपेश बघेल ने उठाए कई सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार से कई सवाल पूछते हुए कहा कि:
इस अवैध अफीम की खेती में कौन-कौन मंत्री और अधिकारी शामिल हैं?
इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन लोग काम कर रहे हैं?
आरोपी नेता का किन-किन नेताओं और अधिकारियों से संबंध है?
उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा।
भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि
“कमल के फूल वाली पार्टी के नेता अब अफीम के फूल उगा रहे हैं।”
आरोपी नेता का बचाव
दूसरी ओर आरोपी भाजपा नेता विनायक ताम्रकार ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।
उन्होंने कहा कि उन्हें अफीम की खेती की कोई जानकारी नहीं थी और जमीन किसी अन्य व्यक्ति को अधिया पर दी गई थी।
विनायक ताम्रकार का कहना है कि
जिस जमीन पर अफीम की खेती मिली है वह उनकी नहीं है और उनके खिलाफ राजनीतिक द्वेष के कारण कार्रवाई की गई है।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया है।
इस कानून के तहत अवैध रूप से मादक पदार्थों की खेती करना गंभीर अपराध माना जाता है, जिसमें लंबी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
यदि आरोप साबित होते हैं तो आरोपियों को कई वर्षों तक जेल की सजा हो सकती है।
जांच में और खुलासे संभव
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि:
अफीम की खेती कब से की जा रही थी
इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे
तैयार माल कहां सप्लाई किया जाता था
इसके अलावा पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, बैंक लेनदेन और संपर्कों की भी जांच कर रही है।
निष्कर्ष
दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती का यह मामला सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई है। करीब 8 करोड़ रुपये की अवैध अफीम की खेती, फार्महाउस में बाउंसर और सीसीटीवी जैसी सुरक्षा व्यवस्था और एक राजनीतिक नेता की गिरफ्तारी ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और प्रशासन का कहना है कि अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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