छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे अभियान ने हाल के महीनों में नई गति पकड़ी है। राज्य के गृह विभाग के अनुसार बीते दो वर्षों में व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन, संयुक्त अभियान और खुफिया तंत्र की सक्रियता के चलते नक्सली गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आई है।
अधिकारियों का दावा है कि बड़ी संख्या में उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है, कई ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है, जबकि मुठभेड़ों में भी कई सक्रिय सदस्य मारे गए हैं। आत्मसमर्पण करने वालों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
बस्तर संभाग के सुदूर इलाकों में सड़क, मोबाइल टॉवर और स्वास्थ्य केंद्रों के विस्तार से प्रशासनिक पहुंच मजबूत हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि विकास और सुरक्षा—दोनों मोर्चों पर समानांतर प्रयास से ही स्थायी समाधान संभव है।
राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि आगामी महीनों में अभियान और तेज किया जाएगा तथा संवेदनशील इलाकों में स्थायी सुरक्षा कैम्प स्थापित किए जाएंगे।

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