सुकमा। सुकमा जिले के विकासखंड कोंटा अंतर्गत ग्राम पंचायत कामाराम में शासकीय राशि के गबन के गंभीर मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी पंचायत सचिव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह कार्रवाई ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर की गई, जिससे पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर प्रशासन की गंभीरता स्पष्ट हुई है।
कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन में जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की गई।
19 ग्रामीणों ने की थी शिकायत
जिला पंचायत से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत कामाराम की आवेदिका श्रीमती उड़के माड़े सहित 19 ग्रामीणों ने पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में पंचायत निधि के दुरुपयोग और गबन का आरोप लगाया गया था।
शिकायत के आधार पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कोंटा द्वारा विस्तृत जांच की गई। जांच प्रतिवेदन में यह तथ्य सामने आया कि निलंबित पंचायत सचिव मोहम्मद हाफिज खान ने ग्राम पंचायत कामाराम एवं ग्राम पंचायत सूरपनगुड़ा, जनपद पंचायत कोंटा में पदस्थापना के दौरान कुल 3 लाख 23 हजार 760 रुपये की शासकीय राशि का गबन किया।
एफआईआर दर्ज कर की गई गिरफ्तारी
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला पंचायत सुकमा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने आरोपी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। निर्देशानुसार आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं सहित अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
पुलिस ने विधिवत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पंचायत स्तर पर शासकीय राशि के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों के अधिकारों का हनन करने वाले दोषियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई से क्षेत्र के ग्रामीणों में संतोष का माहौल है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की इस पहल से पंचायतों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

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