Breaking
AdSense का जो verification code लगाया है, उसे साइट से हटाना नहीं है। डोंगरगांव में भव्य कबीर संत सम्मेलन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हुए शामिल, संत परंपरा और आध्यात्मिक चेतना पर दिया जोर
BREAKING

डोंगरगांव में भव्य कबीर संत सम्मेलन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हुए शामिल, संत परंपरा और आध्यात्मिक चेतना पर दिया जोर

अखिल भारतीय सद्गुरु कबीर संत सम्मेलन फाल्गुन महोत्सव में संतों का जुटान, आश्रम विकास के लिए 11 लाख रुपए की घोषणा



01 मार्च /रायपुर/डोंगरगांव
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रविवार को राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव स्थित कबीर मठ आश्रम में आयोजित अखिल भारतीय सद्गुरु कबीर संत सम्मेलन फाल्गुन महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने संत परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जब शासन व्यवस्था संतों के विचारों और मूल्यों से जुड़ती है, तब विकास और संस्कार दोनों समान गति से आगे बढ़ते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संत कबीर की वाणी समाज को जोड़ने का कार्य करती है और सरकार का संकल्प जनजीवन को संवारने का माध्यम बनता है। उन्होंने कहा कि संतों की शिक्षाएं केवल धार्मिक उपदेश नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाली जीवन पद्धति हैं। जब समाज और शासन दोनों मिलकर इन मूल्यों को आत्मसात करते हैं, तब एक आदर्श राज्य की स्थापना संभव होती है।

आश्रम विकास के लिए 11 लाख रुपए की घोषणा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने कबीर मठ आश्रम में विकास कार्यों के लिए 11 लाख रुपए स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने आश्रम परिसर में स्थायी डोम निर्माण तथा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस सम्मेलन के लिए बजट में स्थायी प्रावधान करने की बात कही। इसके अतिरिक्त ग्राम नादिया में मिनी स्टेडियम निर्माण तथा राजनांदगांव शहर में कबीर साहेब के नाम से भव्य प्रवेश द्वार निर्माण की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि लगभग 202 वर्ष पूर्व पूज्य सद्गुरु सेवा साहब जी ने नादिया जैसे छोटे गांव में कबीर मठ की स्थापना कर आध्यात्मिक जागरण की अलख जगाई थी। उन्होंने हलबा समाज के संत स्वरूप मंतू ठाकुर का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने आश्रम सेवा के लिए अपनी संपूर्ण संपत्ति अर्पित कर दी थी। यह त्याग और समर्पण की परंपरा आज भी समाज के लिए प्रेरणा है।


 

उन्होंने कहा कि हलबा समाज का गौरवशाली और समृद्ध इतिहास रहा है और इस समाज से गेंदसिंह जी जैसे महानायक हुए हैं, जिन्होंने समाज और क्षेत्र के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

छत्तीसगढ़ में संत कबीर का व्यापक प्रभाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर सद्गुरु संत कबीर का गहरा प्रभाव रहा है। उन्होंने अपने बचपन का स्मरण करते हुए बताया कि कुनकुरी में कबीरपंथ का बड़ा आश्रम है और वे बचपन से ही पंथ की परंपराओं से परिचित रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश का एक जिला कबीरधाम भी संत कबीर के नाम पर है, जो इस बात का प्रमाण है कि यहां के लोकजीवन में कबीर की वाणी रची-बसी है। मुख्यमंत्री ने संत कबीर के दोहों का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘निंदक नियरे राखिए’ जैसे दोहों में जीवन का गहरा संदेश छिपा है।

उन्होंने कहा कि संत कबीर ने आत्ममंथन और आत्मसुधार का संदेश दिया। हमें अपनी कमियों को स्वीकार करने और सुधारने का साहस रखना चाहिए। उनके दोहों में आदर्श जीवन, सामाजिक समरसता और मानव कल्याण के स्पष्ट संकेत मिलते हैं। इसलिए हमें उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना चाहिए।

कृषि अर्थव्यवस्था को सशक्त करने का प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और यहां की लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि अर्थव्यवस्था से जुड़ी है। राज्य सरकार ने सुव्यवस्थित धान खरीदी की व्यवस्था सुनिश्चित की है और धान बेचने के 48 घंटे के भीतर किसानों के खातों में राशि पहुंचाने का प्रावधान किया है।

उन्होंने बताया कि हाल ही में 25 लाख 28 हजार से अधिक किसानों के खातों में कृषक उन्नति योजना के तहत 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित की गई। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 69 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में 15 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्रदान की गई है।

आवास, रोजगार और विकास के वादे पूरे

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मोदी की गारंटी के तहत सरकार ने वादा किया था कि सरकार गठन के तुरंत बाद 18 लाख आवास स्वीकृत किए जाएंगे। शपथ ग्रहण के 24 घंटे के भीतर पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई। आज 8 लाख से अधिक मकान बनकर तैयार हो चुके हैं और उनमें गृह प्रवेश भी हो चुका है।

उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के प्रभाव में कमी आ रही है और आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15,000 प्रधानमंत्री आवासों की अलग से स्वीकृति दी गई है। विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीजीटी) समुदाय के लिए 32,000 पीएम आवास स्वीकृत किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे नक्सलवाद समाप्त हो रहा है, बस्तर के पिछड़े क्षेत्रों में विकास कार्य तेज हो रहे हैं। जिन गांवों में पहले सर्वे तक नहीं हो पाता था, आज वहां हजारों महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है।

उन्होंने जानकारी दी कि दो वर्षों में 32,000 से अधिक नौकरियों की प्रक्रिया शुरू की गई है और 5,000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती निकाली जा रही है।

अयोध्या और काशी दर्शन योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। 500 वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात राज्य सरकार ने श्रीराम लला दर्शन योजना प्रारंभ की। अब तक 42,000 से अधिक लोगों को अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन कराए जा चुके हैं।

यहां अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ धाम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन से आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक एकता भी मजबूत होती है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 5,000 से अधिक लोगों को देश के 19 चिन्हांकित तीर्थस्थलों का दर्शन कराया जा रहा है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त है। डीएमएफ, कोयला और पीएससी घोटाले के दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है और राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे गरीब परिवार का बेटा भी बड़े पदों तक पहुंच सके।

संत परंपरा छत्तीसगढ़ की पहचान

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि यदि पूरे भारतवर्ष में देवभूमि, संस्कारभूमि और समर्पण की परंपरा की बात की जाए तो छत्तीसगढ़ का स्थान अत्यंत विशिष्ट है। यहां की मिट्टी में सेवा, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना रची-बसी है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय संत-महात्माओं के प्रति गहरी आस्था रखते हैं और उनके मार्गदर्शन को शासन में स्थान देते हैं। यह परंपरा समाज में सकारात्मक ऊर्जा और मूल्यों के संरक्षण का माध्यम है।

सांसद संतोष पांडेय ने छत्तीसगढ़ की धरती को रत्नगर्भा बताते हुए कहा कि संतों की वाणी में जीवन का आदर्श और दर्शन मिलता है, जो समाज को सही दिशा प्रदान करता है।

कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। फाल्गुन महोत्सव के अवसर पर भजन-कीर्तन और सत्संग का आयोजन भी किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।


 

------------------------------- 


 👉 खबरें और भी है -

🔍   मुंगेली पुलिस की बड़ी सफलता: 53.51 ग्राम ब्राउन शुगर सहित 5 आरोपी गिरफ्तार, ‘ऑपरेशन बाज’ के तहत कड़ी कार्रवाई

https://koshalbhuminews.blogspot.com/2026/03/mungeli-brown-sugar-53-gram-5-arrested-jarhagaon-ndps-2026.html


🔍   मांगें पूरी नहीं हुईं तो विधानसभा घेराव: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ का ऐलान...............
https://koshalbhuminews.blogspot.com/2026/02/chhattisgarh-anganwadi-workers-protest-vidhansabha-gherao-2026.html


🔍  छत्तीसगढ़ में 5000 शिक्षकों की भर्ती का बड़ा फैसला,अक्टूबर-नवंबर में होंगी परीक्षाएं

https://koshalbhuminews.blogspot.com/2026/02/chhattisgarh-5000-teacher-bharti-2026-exam-date-announced.html

🔍  3.23 लाख रुपये के गबन में पंचायत सचिव गिरफ्तार,न्यायिक हिरासत में भेजा गया 

https://koshalbhuminews.blogspot.com/2026/02/sukma-panchayat-sachiv-323-lakh-gaban-girftar-judicial-custody.html


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ