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होली पर बलौदाबाजार में शराब बिक्री का नया रिकॉर्ड: 6.20 करोड़ से ज्यादा की बिक्री, पलारी की विदेशी मदिरा दुकान रही अव्वल

 


06 मार्च 2026/बलौदाबाजार

रंगों और उल्लास के पर्व होली के अवसर पर छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में इस वर्ष शराब की बिक्री ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। आबकारी विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार होली पर्व के आसपास के दिनों में जिले में कुल 6 करोड़ 20 लाख 91 हजार 450 रुपये की मदिरा बिक्री दर्ज की गई है। पिछले वर्ष की तुलना में यह आंकड़ा काफी अधिक है, जिससे साफ जाहिर होता है कि त्योहारों के दौरान जिले में शराब की खपत लगातार बढ़ती जा रही है।

आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष होली पर्व के दौरान जिले में कुल 5 करोड़ 60 लाख 12 हजार 50 रुपये की शराब बिक्री हुई थी। वहीं इस वर्ष बिक्री का आंकड़ा 6 करोड़ से अधिक पहुंच गया है। इस प्रकार पिछले साल की तुलना में करीब 10.85 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी न केवल जिले में शराब की मांग को दर्शाती है, बल्कि इससे राज्य सरकार के राजस्व में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई है।

देशी और विदेशी मदिरा दोनों की बिक्री में बढ़ोतरी

आबकारी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार होली के अवसर पर जिले में देशी और विदेशी दोनों प्रकार की मदिरा की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष देशी मदिरा से कुल 2 करोड़ 80 लाख 96 हजार 940 रुपये की बिक्री दर्ज की गई। वहीं विदेशी मदिरा की बिक्री इससे भी अधिक रही और कुल 3 करोड़ 39 लाख 94 हजार 510 रुपये की मदिरा बिक्री हुई।

इन दोनों को मिलाकर कुल बिक्री 6 करोड़ 20 लाख 91 हजार 450 रुपये तक पहुंच गई। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि जिले में विदेशी शराब की मांग लगातार बढ़ रही है और लोग त्योहारों के दौरान अधिक मात्रा में विदेशी मदिरा की खरीदारी कर रहे हैं।

होली के पहले ही शुरू हो गई थी खरीदी

होली का त्योहार आते ही जिले के बाजारों में खासा उत्साह देखने को मिला। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने होली की तैयारियां कई दिन पहले से ही शुरू कर दी थीं। जहां एक ओर बाजारों में रंग-गुलाल, पिचकारी, अबीर और मिठाइयों की खरीदारी जोरों पर रही, वहीं दूसरी ओर शराब दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। कई लोग होली से एक-दो दिन पहले ही मदिरा की खरीदारी करने लगे थे, जिससे दुकानों में लगातार भीड़ बनी रही। होली के ठीक एक दिन पहले यानी होलिका दहन की शाम को कई दुकानों के बाहर लंबी कतारें लगी देखी गईं।

देर रात तक लगी रही ग्राहकों की कतार

जिले के कई प्रमुख मदिरा दुकानों के बाहर होली की पूर्व संध्या पर देर रात तक लोगों की भीड़ लगी रही। लोग अपने दोस्तों और परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए पहले से ही शराब खरीदते नजर आए। दुकानदारों का कहना है कि त्योहार के दौरान सामान्य दिनों की तुलना में बिक्री कई गुना अधिक हो जाती है। खासकर होली और नए साल जैसे अवसरों पर मदिरा की मांग अचानक बढ़ जाती है।

ग्राहकों की भारी भीड़ को देखते हुए कई दुकानों में अतिरिक्त कर्मचारियों की भी व्यवस्था की गई थी ताकि बिक्री प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।

आबकारी विभाग की रही कड़ी निगरानी

होली जैसे बड़े त्योहार के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था या अवैध गतिविधि न हो, इसके लिए आबकारी विभाग भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। विभाग द्वारा जिले की सभी मदिरा दुकानों पर विशेष निगरानी रखी गई थी। अधिकारियों ने बताया कि त्योहार को देखते हुए प्रत्येक दुकान में पर्याप्त मात्रा में मदिरा का स्टॉक उपलब्ध कराया गया था। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि कहीं भी अवैध शराब की बिक्री न हो।

इसके लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम लगातार दुकानों का निरीक्षण करती रही। इससे न केवल व्यवस्था बनी रही बल्कि ग्राहकों को भी किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

 


 

पलारी की विदेशी मदिरा दुकान ने बनाया रिकॉर्ड

जिले में सबसे अधिक बिक्री पलारी स्थित विदेशी मदिरा दुकान से दर्ज की गई है। होली पर्व के दौरान इस दुकान से कुल 58 लाख 54 हजार 630 रुपये की मदिरा बिक्री हुई है। यह आंकड़ा जिले की सभी दुकानों में सबसे अधिक है। बताया जा रहा है कि पलारी क्षेत्र में होली के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग आसपास के गांवों से भी खरीदारी करने पहुंचे थे, जिसके कारण यहां बिक्री का आंकड़ा सबसे ज्यादा रहा।

आबकारी विभाग के अनुसार त्योहार के दौरान इस दुकान पर लगातार ग्राहकों की भीड़ बनी रही।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ी मांग

इस वर्ष होली के दौरान सिर्फ शहरों में ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी मदिरा की मांग में बढ़ोतरी देखने को मिली। गांवों के कई लोग भी त्योहार मनाने के लिए बड़ी मात्रा में शराब की खरीदारी करते नजर आए। ग्रामीण इलाकों में सामूहिक रूप से होली मनाने की परंपरा होने के कारण वहां भी मदिरा की खपत अधिक रहती है। यही वजह है कि कई ग्रामीण क्षेत्रों के पास स्थित दुकानों में भी अच्छी-खासी बिक्री दर्ज की गई।

पिछले कुछ वर्षों से बढ़ रहा ट्रेंड

यदि पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह साफ दिखाई देता है कि होली जैसे बड़े त्योहारों के दौरान शराब की बिक्री में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।बदलती जीवनशैली, बढ़ती आय और त्योहारों को बड़े स्तर पर मनाने की प्रवृत्ति भी इसके पीछे एक प्रमुख कारण मानी जा रही है। खासकर युवाओं में विदेशी मदिरा की मांग तेजी से बढ़ रही है।

सरकार के राजस्व में भी हुई वृद्धि

शराब बिक्री में बढ़ोतरी का सीधा फायदा राज्य सरकार को मिलता है। मदिरा बिक्री से प्राप्त होने वाला आबकारी राजस्व सरकार की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। होली जैसे बड़े त्योहारों के दौरान बिक्री बढ़ने से राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होता है। आबकारी विभाग का कहना है कि सभी दुकानों का संचालन पूरी तरह से नियमों के तहत किया गया, जिससे राजस्व संग्रह भी बेहतर रहा।

अवैध शराब पर भी रखी गई नजर

त्योहार के दौरान अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए भी विभाग ने विशेष अभियान चलाया। अधिकारियों ने बताया कि कई स्थानों पर जांच और निरीक्षण किए गए ताकि कहीं भी अवैध शराब की बिक्री न हो सके।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कहीं भी अवैध मदिरा की बिक्री की शिकायत मिलती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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