खेल प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त माध्यम बनी सरगुजा ओलंपिक: मंत्री श्री रामविचार नेताम
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| आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम |
मंत्री श्री नेताम ने इस मौके पर खेल मैदान में उतर कर खिलाडियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने शंकरगढ़ एवं बलरामपुर के मध्य हो रहे बालिका रसाकस्सी प्रतियोगिता में पहुंचकर खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका मनोबल बढ़ाया। इस दौरान तीरंदाजी प्रतियोगिता का अवलोकन करते हुए स्वयं भी तीरंदाजी में हाथ आजमाकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। साथ ही जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक प्रतियोगिता में विजेता प्रतिभागियों को मंत्री श्री रामविचार नेताम ने शील्ड एवं मेडल देकर सम्मानित किया।
समापन समारोह में पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य श्री कृष्णा गुप्ता, रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश जायसवाल, नगरपालिका अध्यक्ष श्री लोधीराम एक्का, उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष श्री भानूप्रकाश दीक्षित सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर, वनमण्डलाधिकारी श्री आलोक वाजपेयी, जिला पंचायत सीइओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर व बलरामपुर एसडीएम श्री अभिषेक गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी श्री एम.आर. यादव, जिला खेल अधिकारी श्री मारकूस कुजूर, संबंधित अधिकारीगण एवं खिलाड़ी तथा आमनागरिक मौजूद थे।
जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए खिलाड़ियों ने जिला स्तरीय ओलंपिक में खेल भावना के साथ अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। जिला स्तरीय ओलंपिक में कुल 12 खेल विधाओं का आयोजन किया गया, जिसमें व्यक्तिगत खेलों के अंतर्गत एथलेटिक्स (100, 200, 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो, 400 मीटर रिले), तीरंदाजी (इंडियन राउंड), बैडमिंटन, कुश्ती एवं कराटे तथा दलीय खेलों में फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकसी और बास्केटबॉल शामिल रहे। प्रतियोगिताएं जूनियर वर्ग (14 से 17 वर्ष, बालक/बालिका) एवं सीनियर वर्ग (18 वर्ष से अधिक, महिला/पुरुष) में आयोजित की गई।


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