रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के दिव्यांगजनों के अधिकारों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत राज्य के सभी शासकीय विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों, आयोगों और बोर्डों में दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित पदों के चिन्हांकन की सूची जारी कर दी है।
अब प्रथम श्रेणी से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक के पदों पर ‘बैंचमार्क’ दिव्यांगजनों को अधिनियम की धारा 34 के तहत आरक्षण का लाभ मिलेगा। शासन के इस फैसले को दिव्यांगजनों के हित में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
पदोन्नति में भी मिलेगा लाभ
जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार यदि किसी कैडर का प्रारंभिक पद (फीडर कैडर) दिव्यांगजनों के लिए चिन्हांकित है, तो उससे संबंधित पदोन्नति वाला पद भी स्वतः दिव्यांगजनों के लिए चिन्हांकित माना जाएगा। इससे सेवा में कार्यरत दिव्यांग कर्मचारियों को पदोन्नति के अवसरों में भी समान अधिकार मिल सकेंगे।
हालांकि, शासन ने स्पष्ट किया है कि नियुक्ति के समय राज्य मेडिकल बोर्ड द्वारा शारीरिक दक्षता की जांच और दिव्यांगता प्रमाण पत्र की वैधता की पुष्टि अनिवार्य होगी। इसके पश्चात संबंधित विभाग उम्मीदवार की उपयुक्तता का अंतिम परीक्षण करेगा।
केवल ‘बैंचमार्क’ दिव्यांगजनों को मिलेगा लाभ
सीधी भर्ती की प्रक्रिया में आरक्षण का लाभ केवल उन्हीं ‘बैंचमार्क’ दिव्यांग व्यक्तियों को दिया जाएगा, जिनके पास सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी दिव्यांगता प्रमाण पत्र होगा। इससे पात्र अभ्यर्थियों को पारदर्शी और नियमानुसार लाभ सुनिश्चित किया जा सकेगा।
तत्काल प्रभाव से लागू
सामान्य प्रशासन विभाग और समाज कल्याण विभाग के समन्वय से तैयार की गई यह सूची अब राज्य के सभी विभागों के लिए मार्गदर्शक दस्तावेज के रूप में कार्य करेगी। शासन ने इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है, जिससे आगामी भर्तियों और लंबित भर्ती प्रक्रियाओं में दिव्यांगजनों को उनका वैधानिक अधिकार मिल सके।
राज्य सरकार के इस निर्णय को सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।👈

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