कोण्डागांव। जिले में महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण एवं सशक्तिकरण की दिशा में संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर उभर रहा है। इस केंद्र का संचालन 10 मार्च 2017 से किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य हिंसा से पीड़ित एवं जरूरतमंद महिलाओं को त्वरित एवं समग्र सहायता उपलब्ध कराना है।
सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा, पुलिस सहायता, विधिक परामर्श, मनोसामाजिक काउंसलिंग तथा अस्थायी आश्रय जैसी आवश्यक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह केंद्र पीड़ित महिलाओं को संकट की घड़ी में त्वरित राहत और न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
जिले में अब तक कुल 1998 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें घरेलू हिंसा के 993 मामले, प्रेम प्रसंग से जुड़े 79 प्रकरण, तथा गुमशुदा (भटकी) महिलाओं के 99 मामले शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 776 महिलाओं एवं बालिकाओं को अस्थायी आश्रय प्रदान कर उनके प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया है। केंद्र द्वारा सभी मामलों का त्वरित एवं संवेदनशील तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे पीड़ितों को समय पर न्याय एवं संरक्षण मिल सके।
सखी वन स्टॉप सेंटर द्वारा जिले में व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कर महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही उन्हें शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सहायता सेवाओं की जानकारी भी प्रदान की जा रही है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे बिना किसी संकोच के सहायता प्राप्त कर सकें।
पीड़ित महिलाएं टोल फ्री नंबर 181 पर 24 घंटे, सप्ताह के सातों दिन अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। सखी वन स्टॉप सेंटर भी 24 घंटे संचालित रहता है और जरूरतमंद महिलाओं को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए सदैव तत्पर है।
सखी वन स्टॉप सेंटर की यह पहल कोण्डागांव जिले में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम साबित हो रही है।


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