Breaking
AdSense का जो verification code लगाया है, उसे साइट से हटाना नहीं है। बेदखली आदेश ठंडे बस्ते में, SDM-तहसीलदार-BEO की चुप्पी पर सवाल
BREAKING

बेदखली आदेश ठंडे बस्ते में, SDM-तहसीलदार-BEO की चुप्पी पर सवाल

 बेदखली आदेश ठंडे बस्ते में, SDM-तहसीलदार-BEO की चुप्पी पर सवाल

अवैध स्कूल संचालन पर प्रशासन मौन, जिम्मेदारी से भाग रहे अधिकारी?

मुंगेली/पथरिया// शासकीय भूमि पर अवैध कब्ज़े और निजी स्कूल संचालन के मामले में अब सवाल सीधे प्रशासनिक कुर्सियों पर उठ रहे हैं। बेदखली आदेश पारित हुए छह महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन न तो अवैध भवन हटाया गया, न ही स्कूल का संचालन रोका गया। इससे साफ है कि प्रशासनिक आदेशों का कोई महत्व नहीं रह गया है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि

👉 अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा गठित जांच टीम आखिर किस उद्देश्य से बनाई गई थी?

👉 तहसीलदार पथरिया को सौंपी गई जिम्मेदारी का पालन क्यों नहीं हुआ?

👉 और खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने अवैध भवन में बच्चों को बैठाकर पढ़ाने की अनुमति कैसे दे दी?

SDM पर सवाल

20 नवंबर 2025 को SDM द्वारा जांच टीम का गठन किया गया, लेकिन क्या SDM ने कभी यह समीक्षा की कि जांच का परिणाम क्या निकला?

  • यदि जांच में अवैध कब्ज़ा सिद्ध हो चुका है, तो बलपूर्वक बेदखली का आदेश क्यों लागू नहीं कराया गया
  • या फिर यह मान लिया जाए कि SDM के आदेश सिर्फ फाइलों तक सीमित हैं?

तहसीलदार की भूमिका संदिग्ध-

राजस्व अमले की पूरी टीम होने के बावजूद—

  • न बेदखली हुई
  • न निर्माण हटाया गया
  • न ही FIR जैसी कोई कठोर कार्रवाई

तो सवाल उठना लाज़मी है कि तहसीलदार आखिर किस दबाव या संरक्षण में चुप्पी साधे बैठी हैं?

क्या प्रभावशाली अवैध कब्ज़ाधारी के सामने प्रशासन असहाय हो चुका है?

BEO की चुप्पी सबसे गंभीर

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि अवैध घोषित शासकीय भूमि पर बने भवन में स्कूल संचालन पर शिक्षा विभाग ने आंखें मूंद रखी हैं।

BEO से सीधा सवाल—

  •  किस नियम के तहत अवैध भवन में स्कूल को मान्यता या संचालन की छूट दी गई?
  •  बच्चों की सुरक्षा और भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा?  

  • गरीब पर बुलडोजर, प्रभावशाली पर मेहरबानी                     स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि यही कब्ज़ा किसी गरीब परिवार ने किया होता, तो अब तक—
  • नोटिस
  • FIR
  • और बुलडोजर

तीनों चल चुके होते।

लेकिन यहां मामला प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़ा है, इसलिए प्रशासनिक मशीनरी जाम हो गई है।

अब सवाल सिर्फ कब्ज़े का नहीं, सिस्टम का है

यह मामला अब—

  • प्रशासनिक निष्क्रियता
  • अधिकारियों की जवाबदेही
  • और सरकारी जमीन की सुरक्षा
  • तीनों पर बड़ा प्रश्नचिन्ह बन चुका है।

यदि SDM, तहसीलदार और BEO जैसे जिम्मेदार अधिकारी ही अपने आदेश और नियम लागू नहीं करवा पा रहे, तो आम जनता कानून पर भरोसा कैसे करे?

अब भी कार्रवाई नहीं तो जवाबदेही तय हो

अब देखना यह है कि—

  • क्या प्रशासन वास्तव में कार्रवाई करेगा?
  • या फिर यह अवैध स्कूल भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबा दिया जाएगा?
  • यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो यह माना जाएगा कि

👉 अवैध कब्ज़े को प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है,

👉 सरकारी जमीन प्रभावशाली लोगों के लिए खुली छूट बन चुकी है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ