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AdSense का जो verification code लगाया है, उसे साइट से हटाना नहीं है। किसानों, गरीबों और कमजोर वर्गों के विकास का रोडमैप है बजट ‘संकल्प’: राम विचार नेताम
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किसानों, गरीबों और कमजोर वर्गों के विकास का रोडमैप है बजट ‘संकल्प’: राम विचार नेताम

 


रायपुर, 24 फरवरी 2026। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये के बजट ‘संकल्प’ को कृषि एवं आदिम जाति विकास मंत्री राम विचार नेताम ने राज्य के किसानों, गरीबों और कमजोर वर्गों के विकास के लिए मील का पत्थर बताया है।

मंत्री नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि ‘ज्ञान’ और ‘गति’ के बाद ‘संकल्प’ बजट राज्य के समग्र और संतुलित विकास की दिशा में ठोस कदम है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को भी मजबूती देगा।

कृषि क्षेत्र को मजबूती

मंत्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और अर्थव्यवस्था का आधार कृषि है। कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपये, धान उपार्जन हेतु मार्कफेड को 6 हजार करोड़ रुपये तथा कृषि पंपों को निःशुल्क बिजली के लिए 5500 करोड़ रुपये का प्रावधान किसानों को सीधा लाभ पहुंचाएगा।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 820 करोड़ रुपये, भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के लिए 600 करोड़ रुपये तथा पीएम कृषि सिंचाई योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और एकीकृत वाटरशेड प्रबंधन कार्यक्रम के लिए भी पर्याप्त राशि निर्धारित की गई है।

आदिवासी और पिछड़े वर्गों के लिए विशेष प्रावधान

धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये की गई है, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत 500 करोड़ रुपये तथा आवास निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति

डेयरी समग्र विकास योजना के लिए 90 करोड़ रुपये, पीएम मत्स्य संपदा योजना के लिए 200 करोड़ रुपये तथा पशुपालन और हरा चारा उत्पादन के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। मंत्री नेताम ने विश्वास जताया कि यह बजट किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई और बीमा सुविधाओं को मजबूत करने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने में अहम भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि आदिवासी, अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्गों के उत्थान से समावेशी विकास सुनिश्चित होगा और राज्य आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनेगा।

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