महिलाओं की सुरक्षा, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता को मिला सशक्त आधार
रायपुर, 24 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत होने के बाद महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इसे ‘महतारी गौरव वर्ष’ के संकल्पों को साकार करने वाला ऐतिहासिक बजट बताया। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी द्वारा प्रस्तुत यह बजट मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को समर्पित है।
मंत्री ने कहा कि यह बजट महिलाओं और बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, जो समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
महिला उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को सफल आजीविका मॉडलों का अध्ययन, प्रशिक्षण और कौशल उन्नयन का अवसर मिलेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती और महिला उद्यमिता को नई दिशा मिलेगी।
250 महतारी सदन का निर्माण
महिलाओं के लिए सुरक्षित और सहयोगात्मक वातावरण तैयार करने हेतु 250 महतारी सदनों के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ये केंद्र संवाद, प्रशिक्षण, परामर्श और सामाजिक सहयोग के मंच के रूप में विकसित किए जाएंगे।
पोषण और प्रारंभिक शिक्षा पर जोर
प्रदेश में 500 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 42 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इससे बच्चों, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं को बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
रानी दुर्गावती योजना से बेटियों को संबल
रानी दुर्गावती योजना के अंतर्गत 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाली पात्र बालिकाओं को 1.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह सहायता उच्च शिक्षा और कौशल विकास के लिए उपयोगी होगी तथा बेटियों को आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगी।
मंत्री ने कहा कि ‘महतारी गौरव वर्ष’ केवल प्रतीकात्मक पहल नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण का ठोस संकल्प है। उन्होंने विश्वास जताया कि बजट 2026-27 के प्रावधानों से छत्तीसगढ़ महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।

%202025.jpg%20(1).jpeg)
0 टिप्पणियाँ