छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सामने आए प्रतिबंधित अफीम की खेती के मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। इस मामले में कांग्रेस द्वारा लगातार लगाए जा रहे आरोपों के बाद अब भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तार से जवाब दिया।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता Vijay Shankar Mishra, Nalinesh Thokne, Shiv Narayan Pandey और भाजपा के प्रदेश मंत्री Amit Sahu मौजूद रहे। नेताओं ने कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अफीम की खेती का यह पूरा मामला कांग्रेस शासनकाल से जुड़ा हुआ है।
भाजपा नेताओं ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब राज्य सरकार ने इस मामले में कार्रवाई कर दी थी, तो उसके अगले ही दिन पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel कांग्रेस नेताओं के साथ अफीम के खेत में क्यों पहुंचे थे। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस केवल अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रही है।
भाजपा का दावा – सरकार ने एक घंटे में की कार्रवाई
भाजपा नेताओं ने कहा कि जैसे ही दुर्ग जिले में प्रतिबंधित अफीम की खेती की सूचना मिली, प्रदेश की Vishnu Deo Sai सरकार ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।
उन्होंने कहा कि सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर ही कलेक्टर, पुलिस और अन्य एजेंसियों को मौके पर भेज दिया गया और पूरे मामले में त्वरित कार्रवाई की गई। भाजपा का कहना है कि यह राज्य सरकार की सजगता और गंभीरता को दर्शाता है।
भाजपा नेताओं ने यह भी बताया कि जैसे ही मामले में एक पूर्व भाजपा नेता का नाम सामने आया, प्रदेश भाजपा संगठन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे पार्टी से निलंबित कर दिया। इससे यह साफ संदेश दिया गया कि भाजपा की सदस्यता लेकर कोई भी व्यक्ति इस तरह के गैरकानूनी काम करेगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
कांग्रेस पर लगाया नशे के कारोबार को संरक्षण देने का आरोप
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अफीम की खेती से जुड़ा एक वीडियो भी दिखाया। उन्होंने बताया कि इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मक्का और गेहूं की फसल के बीच अफीम की खेती की जा रही थी।
उन्होंने दावा किया कि जांच में यह बात सामने आई है कि यह खेती पिछले पांच वर्षों से लगातार चल रही थी। उनका कहना था कि इसका मतलब साफ है कि यह पूरा काला कारोबार उस समय शुरू हुआ जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान नशे का कारोबार लगातार बढ़ा और उसे संरक्षण भी मिला। उन्होंने कहा कि यह सर्वविदित है कि कांग्रेस के शासनकाल में कई तरह की अवैध गतिविधियां पनपीं और अफीम की खेती भी उसी दौर में शुरू हुई।
भूपेश बघेल के खेत पहुंचने पर उठाए सवाल
प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel के अफीम के खेत में जाने को लेकर भी कई सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि जब प्रशासन पहले ही मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर रहा था, तब अगले ही दिन भूपेश बघेल कैमरा लेकर वहां क्यों पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि बघेल के साथ पहुंचे कुछ लोग वीडियो में अफीम के फूल को लेकर चर्चा करते और उसे बेचने की बात करते हुए सुनाई दे रहे हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह वीडियो खुद कांग्रेस की वेबसाइट पर डाला गया है, इसलिए कांग्रेस को पहले इसका जवाब देना चाहिए।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब सरकार कार्रवाई कर रही थी और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, तब वहां जाकर वीडियो बनाना केवल राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश लगती है।
जांच को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप
भाजपा नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री वहां इसलिए पहुंचे थे ताकि जांच की दिशा को प्रभावित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि यह भी संभव है कि वहां जाकर सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की गई हो। हालांकि उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी और जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।
भाजपा ने यह भी भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार किसी भी स्तर पर नशे के कारोबार को बर्दाश्त नहीं करेगी।
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का दावा
प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने कहा कि प्रदेश सरकार का स्पष्ट रुख है कि छत्तीसगढ़ को नशे के कारोबार से मुक्त रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि जो भी लोग इस तरह के गैरकानूनी काम में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार छत्तीसगढ़ की शांति और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ेगी।
अमित साहू ने कांग्रेस पर साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के प्रदेश मंत्री Amit Sahu ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि भाजपा में किसी भी नेता को गलत काम करने की छूट नहीं है। यदि कोई भाजपा नेता इस तरह के अपराध में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाती है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे ही आरोप सामने आए, पार्टी ने संबंधित नेता को बाहर का रास्ता दिखा दिया।
कांग्रेस पर आरोपियों को बचाने का आरोप
अमित साहू ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा अपने नेताओं को बचाने की कोशिश की है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कई नेताओं पर गंभीर आरोप लगे, लेकिन पार्टी ने उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व मंत्री Kawasi Lakhma जेल में रहकर आ चुके हैं, जबकि विधायक Devendra Yadav और अन्य नेताओं से जुड़े मामलों में भी कांग्रेस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पूर्व मंत्री Amarjeet Bhagat पर आरोप लगने के बाद कांग्रेस ने क्या कदम उठाए।
भाजपा का दावा – जनता सब समझ चुकी है
अमित साहू ने कहा कि प्रदेश की जनता अब सब समझ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में अपराध और अवैध गतिविधियां बढ़ीं और कई मामलों में पार्टी ने अपने नेताओं को बचाने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भाजपा संगठन पर सवाल उठाने से पहले अपने नेताओं के खिलाफ हुई शिकायतों का जवाब देना चाहिए।
निष्कर्ष
दुर्ग जिले में सामने आए अफीम की खेती के मामले ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक ओर कांग्रेस सरकार पर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा कांग्रेस शासनकाल को जिम्मेदार बता रही है।
अब इस पूरे मामले में जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर सच्चाई क्या है और इस अवैध खेती के पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं।
लेकिन फिलहाल इतना तय है कि अफीम की खेती का यह मुद्दा आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ी बहस का विषय बना रहेगा।
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