कोंडागांव। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार कोंडागांव जिले में लगभग एक सदी के लंबे अंतराल के बाद राजस्व सर्वेक्षण कार्य की ऐतिहासिक शुरुआत हो गई है। इस महत्त्वपूर्ण अभियान के तहत जिले के कुल 584 ग्रामों का राजस्व सर्वेक्षण किया जाएगा, जिससे भूमि अभिलेखों में सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
राजस्व सर्वेक्षण कार्य के लिए तहसील कोंडागांव अंतर्गत ग्राम ठोटी मड़ानार (प.ह.न. 01 केजंग, रा.नि.मं. किबईबालेंगा) को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित किया गया है। कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने ग्राम ठोटी मड़ानार पहुंचकर सर्वेक्षण कार्य का स्थल पर निरीक्षण किया तथा सर्वेक्षण टीम द्वारा अपनाई जा रही तकनीकी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वेक्षण कार्य पूरी सटीकता, पारदर्शिता एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न किया जाए, ताकि भूमि अभिलेख वास्तविक स्थिति के अनुरूप तैयार हो सकें।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री अजय उरांव, संयुक्त कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी भू-अभिलेख श्री वहिदुर्रहमान, सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख श्री अरुण सिंह, राजस्व निरीक्षक श्री अजय शर्मा एवं श्री सुरेन्द्र बागड़े, पटवारी, सरपंच सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि कोंडागांव जिले में अंतिम बंदोबस्त सर्वेक्षण वर्ष 1924-25 में किया गया था। इसके पश्चात अब तक राजस्व सर्वेक्षण नहीं होने के कारण भूमि की वास्तविक स्थिति एवं नक्शों में काफी अंतर आ गया है। अधिकांश ग्रामों के नक्शे जीर्ण-शीर्ण एवं अपूर्ण हो चुके हैं, कई स्थानों पर सीमांकन चिन्ह (चांदा-मुनारा) भी विलुप्त हो गए हैं, जिससे भूमि संबंधी विवादों में लगातार वृद्धि हो रही थी। ग्रामीणों एवं किसानों द्वारा ग्राम सभाओं में लंबे समय से राजस्व सर्वेक्षण की मांग की जा रही थी।
नए राजस्व सर्वेक्षण के पूर्ण होने से भूमि अभिलेखों एवं नक्शों में एकरूपता स्थापित होगी, भूमि संबंधी दस्तावेजों की उपलब्धता आसान होगी तथा भूमि विवादों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण में मदद मिलेगी। प्रशासन की इस पहल से जिले के हजारों किसानों और ग्रामीणों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।
यह राजस्व सर्वेक्षण अभियान कोंडागांव जिले में भूमि प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरगामी कदम माना जा रहा है।



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