17 फरवरी गम्हरी
प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना ग्राम गम्हरी में ठेकेदार की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता के कारण अधर में लटकी हुई है। भीषण गर्मी के इस दौर में ग्रामीण महिलाएं बूंद-बूंद पानी के लिए तरसने को मजबूर हैं, जबकि योजना का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था। जमीनी हकीकत यह है कि योजना कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है और ग्रामीणों को इसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है।
दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर महिलाएं
गांव में नल-जल योजना का कार्य अधूरा होने के कारण आज भी महिलाएं रोजाना दूर स्थित हैंडपंप और अन्य जल स्रोतों से पानी ढोने को विवश हैं। तपती गर्मी में लंबी दूरी तय करना उनके लिए बेहद कठिन और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पाइपलाइन बिछाने और जल आपूर्ति की व्यवस्था का कार्य शुरू तो किया गया, लेकिन ठेकेदार की उदासीनता के चलते काम अधूरा छोड़ दिया गया।
जर्जर पानी टंकी बनी खतरे का संकेत-
गांव में निर्मित पानी टंकी की स्थिति भी अत्यंत जर्जर और चिंताजनक बताई जा रही है। टंकी में दरारें और संरचनात्मक कमजोरी साफ नजर आ रही है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि यदि समय रहते मरम्मत या आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, तो यह टंकी गांव के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
सरपंच ने प्रशासन से लगाई गुहार-
ग्राम सरपंच महंगु राम मरकाम ने इस गंभीर समस्या को लेकर प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना का लाभ गांव के लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे विशेषकर महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरपंच ने संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई करते हुए शीघ्र कार्य पूर्ण कराने की मांग की है।
ग्रामीणों में आक्रोश,जल्द समाधान की मांग
ग्रामीणों में योजना की धीमी गति और लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री की जनकल्याणकारी योजना को केवल कागजों में ही पूरा दिखाया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति बेहद खराब है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द कार्य पूर्ण कराया जाए, ताकि गांव को स्वच्छ पेयजल सुविधा मिल सके और संभावित दुर्घटना से भी बचाव हो सके।



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