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जनदर्शन में गूंजा वनों की कटाई का मुद्दा, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार

वन हमारी आस्था और आजीविका का आधार, कटाई पर तत्काल रोक लगे”- ग्रामीणों की मांग


कोंडागांव

कोंडागांव जिला मुख्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान वनों की कटाई का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया। ग्राम टेमरगांव एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने वन विभाग द्वारा की जा रही कथित कटाई पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कलेक्टर के समक्ष अपनी पीड़ा रखी और तत्काल रोक लगाने की मांग की।

जनदर्शन में उपस्थित ग्रामीणों ने कलेक्टर को लिखित ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि लगातार हो रही वनों की कटाई से पर्यावरण संतुलन बिगड़ने के साथ-साथ उनके जीवन और आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने कहा कि ये वन केवल पेड़ों का समूह नहीं हैं, बल्कि उनकी आस्था, परंपरा और जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि इन वनों पर उनकी आजीविका निर्भर है। पशुपालन, कृषि कार्य और पारंपरिक जीवनशैली पूरी तरह वन संसाधनों से जुड़ी हुई है। लगातार हो रही कटाई से उनके सामने रोजगार और जीवन यापन का संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी खतरे में पड़ सकता है।

जनदर्शन में ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि वनों की कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा उनके अधिकारों और आस्था की रक्षा सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने यह भी अपेक्षा जताई कि प्रशासन इस गंभीर विषय को प्राथमिकता देते हुए उचित जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगा।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या ठोस कदम उठाता है और प्रभावित ग्रामीणों को कब तक राहत मिलती है। यह मामला न केवल पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा है, बल्कि स्थानीय समुदाय की आजीविका और सांस्कृतिक अस्तित्व से भी सीधे तौर पर संबंधित है।

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