रायपुर, 20 फरवरी 2026। आम आदमी पार्टी की छत्तीसगढ़ इकाई ने राज्य सरकार पर संविधान के अनुच्छेद 21A के तहत बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं ने प्रेस वार्ता में कहा कि शिक्षा का मौलिक अधिकार 86वें संविधान संशोधन (2002) और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के माध्यम से सुनिश्चित किया गया है, लेकिन प्रदेश में इसे कमजोर किया जा रहा है।
आत्मानंद स्कूलों की स्थिति पर सवाल
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना के तहत संचालित स्कूलों में फंड की कटौती, संसाधनों की कमी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव देखने को मिल रहा है।
प्रदेश महासचिव वदूद आलम ने कहा कि कई स्कूलों में बिजली बिल बकाया हैं, प्रयोगशालाएं और शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं, बच्चों को समय पर ड्रेस और किताबें नहीं मिल पा रही हैं। राजधानी रायपुर में बिजली बिल नोटिस, राजनांदगांव में शिक्षकों के रिक्त पद और बस्तर संभाग में संसाधनों की कमी जैसे उदाहरण प्रस्तुत किए गए। उनका आरोप है कि सरकार प्रचार-प्रसार पर अधिक खर्च कर रही है, जबकि स्कूलों को पर्याप्त बजट नहीं दिया जा रहा।
आरटीई सीटों में कटौती का मुद्दा
प्रदेश सचिव अनुषा जोसेफ ने कहा कि हाल में राज्य सरकार ने आरटीई के तहत 44,173 सीटों के बजाय 19,466 सीटों पर ही प्रवेश देने का निर्णय लिया है। उनके अनुसार इससे लगभग 24 हजार से अधिक सीटें कम हो गई हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले निजी स्कूलों में नर्सरी, पीपी-1 और पीपी-2 से प्रवेश की व्यवस्था थी, जिसे अब बदलकर केवल कक्षा पहली में प्रवेश तक सीमित कर दिया गया है। इससे गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
शिक्षक भर्ती और स्कूल बंद होने का आरोप
प्रदेश अध्यक्ष (कर्मचारी विंग) विजय कुमार झा ने आरोप लगाया कि युक्तियुक्तकरण के नाम पर हजारों स्कूल बंद किए गए हैं और बड़ी संख्या में शिक्षकों की भर्ती लंबित है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों की स्थिति जर्जर है और नई भर्तियां नहीं होने से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
सरकार से तीन प्रमुख मांगें
प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी ने कहा कि पार्टी की मांग है:
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सभी आत्मानंद स्कूलों को तत्काल नियमित और पर्याप्त फंड जारी किया जाए।
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आरटीई के तहत नर्सरी, पीपी-1 और पीपी-2 से प्रवेश की पुरानी व्यवस्था बहाल की जाए।
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छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा में पुराने फीडिंग कैडर सिस्टम के तहत शिक्षकों की भर्ती की जाए।
आंदोलन की चेतावनी
रायपुर लोकसभा अध्यक्ष अजीम खान ने कहा कि यदि सरकार ने शिक्षा के मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया, तो पार्टी इसे प्रदेशव्यापी जनआंदोलन का रूप देगी। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य और संविधान प्रदत्त अधिकारों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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