छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल टाइगर प्वाइंट, मैनपाट में शुक्रवार देर रात भीषण आग लगने से करीब दर्जनभर गुमटियां जलकर राख हो गईं। घटना कमलेश्वरपुर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। आग लगने से स्थानीय दुकानदारों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
रात 11 बजे दिखी आग की लपटें
जानकारी के अनुसार, रात करीब 11 बजे लोगों ने टाइगर प्वाइंट पर बनी गुमटियों से धुआं और आग की लपटें उठती देखीं। तत्काल दुकानदारों और स्थानीय लोगों को सूचना दी गई। जब तक लोग मौके पर पहुंचे, आग तेजी से फैल चुकी थी। घास, लकड़ी, टीन और प्लास्टिक से बनी इन अस्थायी दुकानों में आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया।
लाइन से बनी सभी गुमटियां एक के बाद एक आग की चपेट में आ गईं। दुकानदारों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन ज्वलनशील सामग्री के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया।
कुर्सी-टेबल से लेकर खाने का सामान तक जला
आगजनी में दुकानों के अंदर रखी कुर्सियां, टेबल, गैस चूल्हे, बर्तन, खाद्य सामग्री और अन्य सामान पूरी तरह जल गए। प्रभावित दुकानदारों में शिवकुमार यादव, राजेश यादव, अनिल यादव, संजू यादव, कैलाश यादव सहित कई ग्रामीण शामिल हैं। इन सभी का कहना है कि उनकी रोजी-रोटी पूरी तरह इन गुमटियों पर निर्भर थी।
लाखों का नुकसान, आजीविका पर संकट
टाइगर प्वाइंट मैनपाट का प्रमुख आकर्षण है, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। स्थानीय ग्रामीण यहां चाय, नाश्ता, भोजन और स्मृति चिन्ह बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आग से हुए नुकसान के बाद अब इन परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
दुकानदारों का कहना है कि दोबारा दुकान खड़ी करने और कारोबार शुरू करने में काफी समय लगेगा। फिलहाल वे राख के ढेर में बचा-खुचा सामान तलाशते नजर आए।
आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं
आग लगने के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। कुछ लोगों ने शरारती तत्वों द्वारा आगजनी की आशंका जताई है, तो वहीं यह भी संभावना है कि ठंड से बचने के लिए जलाए गए अलाव को ठीक से न बुझाने के कारण आग फैली हो।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
करीब एक वर्ष पूर्व भी मैनपाट में गुमटियों में आग लगने की घटना हुई थी। उस समय भी दुकानदारों को भारी नुकसान हुआ था, लेकिन उन्होंने दोबारा हिम्मत जुटाकर गुमटियां बनाईं और अपना व्यवसाय शुरू किया था।
अब एक बार फिर इस आगजनी की घटना ने स्थानीय व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। प्रशासन से पीड़ित दुकानदारों को सहायता और मुआवजा देने की मांग की जा रही है।

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